Visa, MasterCard, Rupay which is best. VISA MASTERCARD RUPAY एटीएम पर क्यों लिखा होता है ??
VISA, MASTERCARD, RUPAY एटीएम पर क्यों लिखा होता है ?? What is Card Network?VISA MASTERCARD RUPAY एटीएम पर क्यों लिखा होता है ??
डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड इन दोनों को प्लास्टिक मनी कहते हैं अब डेबिट कार्ड हो या क्रेडिट कार्ड कार्ड पर आपको आपके बैंक का नाम देखने को मिलेगा साथ ही काट पर वीजा में भी देखने को मिलता मिलता है लिखा हुआ देखने को मिलता है देखने को मिलते हैं
हिंदुस्तान के 50% बाजार पर वीजा की हिस्सेदारी है और 30% बाजार पर मास्टर कार्ड की हिस्सेदारी है और बाकी 20% बाजार पर रुपए की हिस्सेदारी है लेकिन अब रुपए की हिस्सेदारी भी काफी बढ़ गई है इसका प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है इन ATM Card कंपनियों की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि जब ATM की नई-नई खोज हुई थी तो उस एटीएम कार्ड से आप उसी बैंक के ATM से पैसे निकाल सकते थे जिस बैंक का वह ATM Card है अगर उसATM Card को दूसरे बैंक कीATM Card में लगाते तो उसमें से पैसे नहीं निकलते थे।
लेकिन जैसे-जैसे संख्या जनसंख्या बढ़ी लोगों को बैंक से जोड़ने लगे लोग बैंक से जुड़ने लगे और भारत सरकार ने तो एक बार जन धन योजना में अधिकतर लोगों को बैंक से जोड़ दिया तो इस प्रकार ग्राहकों की संख्या ज्यादा होने के कारण बैंकों में बहुत भीड़ बढ़ने लगी थी उस समय अगर किसी को आपातकाल में पैसे की जरूरत होती तो उससे बैंक केATM से निकलता ही नहीं था दूसरे बैंक की ATM से निकलता ही नहीं था क्योंकि जिस बैंक काATM Cardथा उसी बैंक को अपने ग्राहक की जानकारी रहती थी अगर दूसरे बैंक केATM में वह कार्ड लगाते तो उन्हें कोई जानकारी नहीं मिलती थी इसलिए दूसरे बैंक केATM Cardसे पैसे नहीं निकलते थे
दूसरे बैंक की ATM Cardसे पैसे निकालने के लिए एक ही रास्ता हो सकता था कि सभी बैंक अपने-अपने ग्राहकों की जानकारियां आपस में बांटने लगे।इस प्रकार सभी बैंकों के ग्राहकों की जानकारी हर एक बैंक को पता चल जाती और अगर वह ग्राहक बहुत अमीर होता तो दूसरे बैंक वाले उसे फोन कर-कर के परेशान करते, कि हम आपको ज्यादा सुविधा देंगे।
VISA, MASTERCARD, RUPAY
इस समस्या को हल करने के लिए लाया गया कार्ड नेटवर्क। यह इस प्रकार काम करता है कि अगर किसी ग्राहक का खाता मान लो SBI बैंक में है तो बैंक उसके कार्ड नेटवर्क को (VISA, MASTERCARD, RUPAY) उस ग्राहक की सारी जानकारी दे देता है उस ग्रहक की जानकारी 2 लोगों के पास चली गई पहली तो बैंक के पास और दूसरी उस कार्ड नेटवर्क के पास चली गई। अब अगर वह ग्राहक दूसरे बैंक के ATM मशीन से पैसे निकालता है तो उसे पैसे मिल जाएंगे क्योंकि उसके कार्ड नेटवर्क पर जो नेटवर्क है वह उस मशीन को उस ग्रहक की जानकारी देती है कि इनके खाते में पैसे हैं या नहीं और एटीएम मशीन भी किसी ग्राहक की जानकारी को सेव नहीं कर सकती और कार्ड नेटवर्क का भी नियम होता है कि वह अपनी जानकारी इसी के साथ साझा नहीं कर सकते।
अबATM Card से किसी भी बैंक की ATM Card से पैसे निकाला जा सकता है कार्ड नेटवर्क के माध्यम से। बैंक के ग्राहकों की जानकारी इन्हीं के पास होती है और यह अपनी जानकारी किसी को भी नहीं देते। यह कार्ड नेटवर्क आपके ATM Card के अलावा भी बहुत सी सुविधा देते हैं आपका पिन बदलते हैं, OTP देते हैं, और कार्ड कहीं गिर गया तो उसे ब्लॉक करते हैं और इसके बदले में यह पीस भी लेते हैं वह फीस आपके बैंक खाते से ली जाती है और बैंक के खाताधारकों को लगता है कि बैंक उन्हेंATM Card बना कर देता है और बैंक ही इसकी फीस लेता है परंतु यह सब काम कार्ड नेटवर्क करता है और वह सालाना आपसे, आपको बैंक के द्वारा कार्ड नेटवर्क की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं के लिए फीस लेता है।



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