Why did RBI ban MasterCard. RBI ने 22 जुलाई 2021 को MasterCard के नए कार्ड बनाने पर लगाई रोक??
RBI ने 22 जुलाई 2021 को MasterCard के नए कार्ड बनाने पर लगाई रोक?? 22 जुलाई 2021 के बाद क्यों नहीं बना सकता MasterCard अपने credit card और debit card!!!
RBI ने MasterCard को नए कार्ड बनाने पर रोक लगाया!
2 जुलाई 2021 को RBI ने MasterCard network को नए कार्ड बनाने पर रोक लगा दिया। क्योंकि किसी किसी भी ATM card network को बैंकों के ग्राहकों की जानकारियों को स्टोर करने के लिए data house बनाना पड़ता है जैसे आप किसी का नंबर सेव करना चाहते हो तो अपने मोबाइल में सेव कर लेते हो और अगर फोटो सेव करना चाहते हो तो फोन की गैलरी में सेव कर लेते हो और ज्यादा डाटा सेव करना है तो पेन ड्राइव में सेव कर लेते हो और अगर बहुत ज्यादा डाटा सेव करना हो तो हार्ड ड्राइव में सेव करते हो।
लेकिन बैंक के ATM card network तो पूरी दुनिया में काम करते हैं इनके पास तो पूरी दुनिया की जानकारी रहती है तो इस पूरी दुनिया की जानकारी से सेव करने के लिए पूरा डाटा हाउस बनाना पड़ता है जिसमें पूरी दुनिया का डाटा सेव किया जा सके। भारत में (Visa, MasterCard, Rupay) इन्हीं तीन ATM card network को ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
Visa विदेशी कंपनी है इसकी भारत के बाजार में लगभग 50% की हिस्सेदारी है और Visa भारत के अलावा अगर आप चाहते हैं कि आप विदेश में अपने पैसे को निकाल सके तो यह विदेश के एटीएम से भी आपके पैसे को निकाल सकती हैं। MasterCard भी विदेशी कंपनी है इसकी भारत के बाजार पर लगभग 30% की हिस्सेदारी है यह भी आपके पैसे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निकाल कर दे सकता है। और Rupay तो भारत की ही कंपनी है इसकी भारत के बाजार पर लगभग 20% की हिस्सेदारी है शुरुआत में रुपए कार्ड नेटवर्क केवल भारत में ही काम करता था परंतु अब इसमें भी एक rupay platinum card आता है यह रुपए का ही एडवांस वर्जन है और यह अंतरराष्ट्रीय भी काम करता है अब रुपए का प्रचलन भी काफी तेजी से बढ़ रहा है और भारत के बाजारों में इसकी हिस्सेदारी भी बढ़ रही है।
MasterCard क्यों नहीं बना पाएगा नये Card
इन सभी कार्ड नेटवर्क को बैंकों के ग्राहकों की जानकारी को सेव करने के लिए डाटा हाउस बनाना पड़ता है Visa और Rupay का डाटा हाउस तो भारत में था परंतु मास्टर कार्ड का डाटा हाउस भारत में नहीं था वह भारत के ग्राहकों की जानकारी को विदेश के डाटा हाउस में ले जाता था और वहां कंपनियों को बेच देता था जिससे कि कंपनियों को पता लग जाता था कि करोड़पति कौन है और लखपति कौन है फिर वह कंपनियां सोशल मीडिया पर करोड़पति को महंगे प्रोडक्ट का प्रचार दिखाती और कम पैसे वालों को सस्ता प्रोडक्ट का प्रचार दिखाती तो सरकार ने इस बात को ध्यान में रखते हुए 2019 में आरबीआई ने यह फैसला सुनाया था कि अब भारत में वही कार्ड नेटवर्क काम कर पाएगा जिसका डाटा हाउस भारत में है आप भारत के डाटा को भारत में ही रख सकते हो उसे विदेश नहीं ले जा सकते हो। तो मास्टर कार्ड का डाटा हाउस इंडिया में ना होने के कारण आरबीआई ने मास्टर कार्ड को 6 महीने के अंदर डाटा लोकलाइजेशन इंडिया में करने के लिए बोला था परंतु फिर कोरोना महामारी आ गई थी इसलिए इस प्रोग्राम को कुछ समय के लिए टाल दिया गया।
MasterCard पर लगाई रोक।
RBI ने फिर एक फैसला सुनाया था कि 22 जुलाई 2021 तक मास्टर कार्ड का डाटा हाउस भारत में बन जाना चाहिए परंतु इस तारीख तक भी मास्टरकार्ड ने डांटा हाउस इंडिया में नहीं बनाया। तो आरबीआई ने सख्त कदम उठाते हुए फैसला लिया कि मास्टर कार्ड अब और कार्ड नहीं बना सकता जितने कार्ड बना लिया है उसमें कोई दिक्कत, परेशानी नहीं है परंतु अगर बिना डाटा हाउस इंडिया में बनाए मास्टरकार्ड अगर और कार्ड बनाता है तो यह कानून का उल्लंघन समझा जाएगा और सख्त कार्यवाही की जाएगी और फिर जिस दिन मास्टर कार्ड का डाटा लोकलाइजेशन इंडिया में कर लेगा। उसे कार्ड नए कार्ड बनाने की मान्यता दे दी जाएगी।
यह सारा खेल डाटा का चल रहा है अगर आप गूगल पर एक बार भी साइकिल के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे तो बाद में आप जब भी यूट्यूब या गूगल चलाएंगे तो तीन-चार दिन तक लगातार बीच-बीच में वह आपको साइकिल का प्रचार ज्यादा दिखाएगा, क्योंकि उसे पता है कि आप साइकिल के बारे में जानना चाहते हैं इसीलिए भारत सरकार ने कहा है कि अब उसी कार्ड नेटवर्क को मान्यता मिलेगी जिसका डाटा लोकलाइजेशन भारत में होगा ताकि भारत का डाटा भारत के पास ही रहे उसे कोई विदेश ना ले जा सके। जिससे कि भारत की कंपनी अपने ग्राहक को चुन सकें और वह भी आगे आ सके।


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