E-Rupi kya hai ine Hindi ई- रुपी क्या है? यह कैसे काम करता है? ई- रुपी के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं? ई- रुपी कब लागू हुआ?
भारत में भ्रष्टाचार को खत्म करने का रामबाण!! New payment platform e-rupee!!!
New payment platform e-rupee!!! ई-रुपी करता है???
भारत सरकार द्वारा चलाया गया नया पेमेंट प्लेटफॉर्म ई-रुपी। ई-रुपी भारत सरकार ने 2 अगस्त 2021 को नया पेमेंट प्लेटफार्म चलाया जिसका नाम है ई-रुपी।
यह UPI की तरह ही काम करेगा । लेकिन यह बिल्कुल सुरक्षित रहेगा इससे चोरी नहीं हो पाएगी जिस काम के लिए दिया जाएगा वही काम होगा। ई-रुपी काम कैसे करता है ?
ई-रुपी UPI का ही रूप है UPI के आगे e-rupi लगा दिया है e-rupi UPI की शुरुआत 2 अगस्त 2021 में हुई थी यह मैसेज s.m.s. या QR code द्वारा काम करता है अगर सरकार द्वारा जनता को कोई भी आर्थिक सुविधा भेजनी होगी तो वह QR code द्वारा आ जाएगी। QR code का पूरा नाम होता है क्विक रिस्पांस कोड यह बहुत जल्दी काम करता है अगर किसी को UPI करते हैं तो क्यूआर कोड दिखा दीजिए तुरंत पेमेंट हो जाती है लेकिन अगर किसी के पास कीपैड वाला फोन है तो इसमें तो QR code आएगा ही नहीं।इसलिए इसमें s.m.s. यानी शार्ट मैसेज सर्विस का प्रयोग किया जाता है इसके द्वारा मोबाइल पर एक कोड भेजा जाता है उस कोड का प्रयोग करके आप वह सुविधा ले सकते हैं जिस सुविधा के लिए वह कोड आपको दिया गया है।
यह कोड कहां से आता है ?
ई-रुपी का प्रयोग वर्तमान में ज्यादा सुविधाजनक नहीं है परंतु भविष्य में इसका इस्तेमाल सरकार गरीब कल्याण योजनाओं के लिए कर सकती है जैसे अगर सरकार गरीबों को कंबल बांटना चाहती हैं तो पहले सरकार के पास दो ही रास्ते होते थे या तो वह गरीबों को कंबल दे या फिर कंबल का पैसा दे।
लेकिन भारत में भ्रष्टाचार इतना ज्यादा है कि सरकार के पास से तो सुविधा भेज दी जाती थी और गरीब के पास पहुंचते-पहुंचते बीच में ही कंबल भी गायब हो जाता था और पैसा भी गायब हो जाता था अगर सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए किताबें देती हैं तो उसमें भी घोटाला हो जाता था कोरोना महामारी में कई लोगों के पास खाने के लिए रोटी नहीं थी लोगों के रोजगार बंद हो गए थे व्यापार थप्प पड़ गए थे ऐसे में अगर सरकार गरीबों को खाना बटवाती है तो अधिकारी खाने का पैसा मार जाते थे या फिर खाने की गुणवत्ता गिरा दे देते थे।
जब सरकार ने मुफ्त में मास्क बटवाया था तो एक मास्क के लिए ₹20 दिए गए थे लेकिन इसमें भी घोटाला कर दिया ₹20 की जगह ₹2 वाले मास्क बटवा दिए थे सरकार द्वारा दी जाने वाली अधिक सुविधाओं में घोटाला हो जाता है सरकार देना कुछ चाहती है परंतु वहां तक पहुंच नहीं पाता है
क्या इससे कम होगा भ्रष्टाचार?
तो इन सब को रोकने के लिए ई-रुपी को लांच किया गया। क्योंकि इसे केवल उसी कार्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा जिस कार्य के लिए इसे दिया जाएगा और वही व्यक्ति इस्तेमाल कर पाएगा जिस व्यक्ति को इसे दिया जाएगा। जैसे अगर सरकार किसानों को खाद उपलब्ध कराना चाहती है तो सरकार पहले किसान को या तो खाद देती या उसका पैसा देती। लेकिन अब सरकार उस किसान के फोन पर एक s.m.s. भेजेगी हजार रुपे का, कि आप जाएं और सरकारी उर्वरक संस्था में इस एस एम एस या QR code को वेरीफाई कर के हजार रुपए की खाद खरीद लो । सरकार जो भी QR code या एस एम एस भेजती है तो उसका जुड़वा उस संस्था को देती है कि जब कोई ग्राहक के QR code या एस एम एस लेकर आए तो उसके साथ मैच हो सके इसीलिए यह कोड जुड़वा बनाए जाते हैं एक ग्राहक के लिए, दूसरा दुकानदार के लिए, ऐसे किसान के पास हजार रुपे का s.m.s. कोड आया है और वह सोचता है कि इस कोड से हम खाद ना खरीद कर राशन खरीद लेते हैं। तो वह नहीं खरीद सकता क्योंकि किसान को जो कोड दिया है उसका जुड़वा केवल खाद संस्था वाले को ही दिया है कि किसान खाद संस्था में जाकर अपना कोड मैच करवा कर खाद ले सके बाकी दूसरे संस्थाओं में यह कोड मैच ही नहीं करेगा। क्योंकि सरकार ने उसे इसका मैचिंग कोड दिया ही नहीं है इसलिए यह भ्रष्टाचार और घोटालों का पक्का इंतजाम है यह जिसके लिए दिया जाएगा उसी काम में इस्तेमाल होगा और जिसको दिया जाएगा वही इस्तेमाल कर सकेगा।



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