Sonu Sood income tax raid in Hindi. सोनू सूद पर लगा ₹20 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप?
Income tax survey on Sonu Sood ??सोनू सूद पर लगा ₹20 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप?? क्यों!
कैसे आए सोनू सूद Income tax बिभाग की नजर में??
सोनू सूद मुंबई के फिल्म इंडस्ट्री के एक अभिनेता है सभी अखबारों में कुछ दिन से यह चर्चा का विषय बना हुआ है की सोनू सूद के ठिकानों पर Income tax बिभाग ने रेड मारी है
पूरे भारतवर्ष में सोनू सूद के जितने भी ठिकाने, ऑफिस और प्रॉपर्टी है या जहां वह रहते हैं मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, जयपुर इन सभी जगहों पर Income tax ने एक साथ रेड मार दी। रेड मारने का अर्थ होता है कि वह अपनी टीम को उनके हर एक ठिकाने पर एक साथ जांच करने के लिए चले गए और Income tax बिभाग की पूरी जांच के बाद उन्होंने अपना बयान दिया कि सोनू सूद के ऊपर ₹20 करोड़ का टैक्स इवैज़न ( tax evasion) का आरोप है।
What is tax evasion??
टैक्स इवैज़न ( tax evasion) का मतलब होता है कि या तो सोनू सूद ने ₹20 करोड़ का टैक्स बचाया है या फिर इन्होंने ₹20 करोड़ पर टैक्स नहीं दिया है यह दोनों मतलब हो सकते हैं टैक्स इवेजन से यह दोनों मतलब सामने निकल कर आते हैं अब जितने पैसे पर Income tax नहीं भरा गया है तब तकIncome tax बिभाग के लिए वह पैसा ब्लैक मानी माना जाएगा।
सोनू सूद के ऊपर आरोप है कि उन्होंने
बोगस लोन लिया,
बोगस बिलिंग की,
पैसे को रोटेट किया,
मदद के नाम पर पैसे जमा किए।
हिंदुस्तान में जब करोना महामारी में 25 मार्च 2020 से लॉकडाउन लगा था तो बड़े शहरों में काम कर रहे मजदूरों का रोजगार बंद हो गया था इसीलिए कोरोना महामारी में प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी मजबूरी बन गई थी कि वह जिंदा रहने के लिए और अपना पेट भरने के लिए अपने-अपने गांव घर लौट जाएं उस समय सभी प्रवासी मजदूर चाहे वह महाराष्ट्र में हो मुंबई गुजरात या दिल्ली में हो मैं अपने-अपने राज्य विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर लौट जाना चाहते थे।
प्रवासी मजदूरों के लिए सोनू सूद बने मशीहा
लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत यह थी कि वह किस साधन से अपने राज्य वापस जाएं लॉकडाउन में ट्रेन, बस सभी साधन बंद हो चुके थे। तो इतनी बड़ी परेशानी में लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए सोनू सूद एक मसीहा बनकर उभरे थे सोनू सूद मुंबई के फिल्म इंडस्ट्री के एक अभिनेता है कोरोना महामारी में इन्होंने मुंबई, महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों में फंसे प्रवासियों के लिए एक ट्रस्ट (Trust)बनाया जिसका नाम था सूट चैरिटी फाऊंडेशन (Sood Charity Foundation)और लोगों को इस फाउंडेशन में पैसे दान करने के लिए निवेदन किया था।
सोनू सूद ने प्रवासियों को उनके राज्यों और घरों तक पहुंचाने के लिए कई गाड़ियां और बसें महाराष्ट्र से यूपी और बिहार के लिए चलवाई थी सोनू सूद के इस मसीहा वाले अंदाज के बाद लोगों के औरIncome tax बिभाग के मन में कई सवाल उठे, कि सोनू सूट के पास इतना पैसा कहां से आया इसमेंIncome tax बिभाग का कहना है कि सोनू सूद ने कोरोना महामारी में प्रवासियों की मदद करने के लिए लोगों से फंड यानी पैसा इकट्ठा किया इस पर Income tax बिभाग ने सोनू सूद पर आरोप लगाया है कि दो करोड़ की राशि थी जो कि विदेश से आयात की गई थी तो जैसे ही किसी भी समुदाय या ट्रस्ट को विदेश से पैसा मिलता है तो उस पैसे पर टैक्स लगता है इसीलिए जब से सूट की फाउंडेशन सूट चैरिटी कमिशन में विदेश आयात पाया गया है। तब से सोनू सूद शक के दायरे में आ गए हैं।
विदेशों से आया पैसा
विदेशों से आऐ हुए किसी भी फंड की जांच के लिए एफसीआरए एक्ट बना हुआ है फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (foreign contribution regulation act) तो इस एक्ट के तहत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सूट चैरिटी फाउंडेशन मैं विदेश से आई इस राशि की जांच करना चाहती है और एक बात यह बताई गई है कि सूट चैटिंग फाउंडेशन में 1 अप्रैल 2021 तक ₹18.94 करोड थे लेकिन इसमें से केवल 1.9 करोड रुपए ही उपयोग में लिए गए, बाकी 17 करोड रुपए अभी भी इस फाउंडेशन में बचे हुए हैं यानी ₹17 करोड में अभी भी बचे हैं अब सोनू सूद के ऊपर जितने भी आरोप लगे हैं इनसे एक ही मतलब निकलता है कि Income tax बिभाग को Tex नहीं मिला है। इसीलिए Income tax बिभाग ने सोनू सूद के सभी ठिकानों पर एक साथ रेड मारी थी। Income tax टैक्स विभाग अनुसार 20 करोड़ की ऐसी धनराशि का पता चला है जिस पर कोई लिखा पढ़ी दर्ज नहीं हुई है जिस पर कोई Tex नहीं दिया गया है।



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