Tapan Mishra arsenic poisoning. ISRO) के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक तपन मिश्रा जी ने 6 जनवरी 2021 को किया बड़ा खुलासा।
इसरो (ISRO) के वैज्ञानिक तपन मिश्रा जी का सनसनी खुलासा!!
(ISRO)के वैज्ञानिक की हत्या की साजिश।भारत के अंतरिक्ष संस्था (ISRO) के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक तपन मिश्रा जी ने 6 जनवरी 2021 को किया बड़ा खुलासा।
इसरो के वैज्ञानिक तपन मिश्रा जी ने 6 जनवरी को अपने फेसबुक के माध्यम से बताया कि इन पर कई बार जानलेवा हमले की साजिश की गई है। उन्होंने बताया मई 2017 में इनके खाने में अरसैनिक (arsenic) मिला दिया गया था। अरसैनिक (arsenic) एक ऐसा पदार्थ है जो रंगहीन और गंधहीन होता है अगर इसे खाने में मिलाकर दे दिया जाए तो खाने में कोई बदलाव नहीं दिखेगा। न गंद आएगी उसकी और ना ही उसका रंग परिवर्तित होगा।
अगर इसकी थोड़ी सी मात्रा भी शरीर में चली गई तो इससे हमें टाइट सूट (tight food) नामक रोग होता है इससे शरीर में छेद छेद होने लगते हैं चमड़े गिरने लगते हैं नाखून झड़ने लगते हैं लेकिन अगर इसी अरसैनिक को प्रयोगशाला में बनाकर जहर के रूप में थोड़ी सी मात्रा भी दे दिया जाए तो यह 1 से 2 घंटे में व्यक्ति की जान ले लेता है यह अरसैनिक हमारे शरीर में आरबीसी (RBC) की मात्रा को तेजी से नष्ट करने लगता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है और दिल का दौरा पड़ने से व्यक्ति की मौत हो जाती है
इस मौत को छुपाना भी बहुत आसान होता है कि दिल के दौरा पड़ने से व्यक्ति की मौत हुई है तो वैज्ञानिक तपन मिश्रा जी ने बताया कि इन को जान से मारने की साजिश के तहत इनके खाने में अरसैनिक दिया गया था जिसके कारण इन्हें मस्तिष्क में तंत्रिका से जुड़ी समस्या हो गई थी और इनके चमड़े झड़ने लगे थे नाखून झड़ने लगे थे परंतु इनका कहना है कि गृह मंत्रालय ने इनका काफी ध्यान रखा था और समय पर इनका इलाज किया गया और सुरक्षा विभाग ने भी इनका काफी ध्यान रखा था जिसके कारण इनकी जान बच गई और यह खतरे से बाहर आ सके। उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार और दूसरे तरीकों से भी जान से मारने की साजिश की जा चुकी है हाइड्रोजन सायनाइड जैसे कई जहरीले जहर से इन को मारने का प्रयास किया गया है।
दुर्घटना जनक हत्या का प्रयास
इन्हें जब भी मारने का प्रयास किया गया तो प्राकृतिक स्थितियां दिखाने का प्रयास किया गया ताकि किसी को इनकी हत्या पर संदेह ना हो। उसे आराम से दुर्घटना का नाम दिया जा सके क्योंकि जिस बंगले में यह तपन मिश्रा जी रहते थे उनके बगीचे में कुछ केले के पौधे लगे हुए थे वहां से अक्सर सांप निकल आया करते थे लेकिन बाद में वहां सफाई करने पर पता चला कि वहां एक सुरंग बनी हुई थी और वह सांप उसी सुरंग से निकलते थे। जब वह सुरंग को बंद किया गया तो वहां से सांप निकलना बंद हो गए लेकिन किसी ने इस पर कार्यवाही नहीं की कि यह सुरंग कहां से आ रही थी।
इन सांपों से बचने के लिए बंगले के बगीचे में का कार्बॉक्सलिक एसिड का प्रयोग किया जाता था कई बार घरों के पीछे जो नालियां होती थी जो मुख्य भूमि से हट जाती थी वहां से सांप या बिच्छू के आने का खतरा होता था इसीलिए इनसे बचने के लिए कार्बॉक्सलिक एसिड का प्रयोग किया जाता था जिस जगह पर सांप या बिच्छू या जहरीले जानवरों के निकलने की संभावना होती है तो वहां पर कारकार्बॉक्सलिक एसिड का छिड़काव करना चाहिए । यह एसिड बहुत खतरनाक होता है इसके संपर्क में बच्चों को नहीं आने देना चाहिए।



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