OIC statement on Kashmir. भारत ने ठुकराया OIC का प्रस्ताव!!
भारत में इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन को कश्मीर मामले पर दिया मुंह तोड़ जवाब!!
भारत ने ठुकराया OIC का प्रस्ताव!! जम्मू कश्मीर को पूर्ण ने राज्य की मान्यता
जुलाई 2021 में भारत सरकार ने लिया एक फैसल। जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य की मान्यता देने के लिए सरकार ने जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ हुई बैठक मे यह फैसला लिया गया । कि दे दी जाएगी । तो इस बैठक में सभी लोग लगभग सहमत हो गए थे। भारत सरकार भी चाहती थी की 370 हटाने के बाद कश्मीर के लोगों ने भारत का साथ दिया भारत के संविधान में विश्वास दिखाया। हालांकि 370 हटाने के बाद से ही कश्मीर मैं काफी प्रतिबंध भी लगाए गए थे वहां इंटरनेट सुविधा बंद थी लगभग 10 दिन तक वहां कर्फ्यू लगा हुआ था क्योंकि देश की शांति के लिए जरूरी था। लेकिन उस समय ही सरकार ने सदन में खड़े होकर कहा था जब कश्मीर में माहौल शांत हो जाएगा तो जम्मू कश्मीर को संपूर्ण राज्य की मान्यता दे दी जाएगी। क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश में जनता की आवाज सरकार तक आसानी से नहीं पहुचाई जा सकती जबकि संपूर्ण राज्य के दर्जे में जनता आसानी से सरकार के सामने अपनी मांग रख सकती है
कश्मीर को संपूर्ण राज्य बनाने का फैसला
सरकार लगभग 18 महीने से देख रही थी कि कश्मीर में माहौल काफी शांत है तो जैसे ही सरकार ने जुलाई 2021 में कश्मीर को संपूर्ण राज्य की मान्यता देने का प्रयास किया कि कश्मीर में फिर से आतंकवादियों ने हमले करना शुरू कर दिया कश्मीर के जम्मू हवाई अड्डे पर ड्रोन से एक बम धमाके की घटना में 2 जवान घायल हो गए हैं और इस हमले के कारण कश्मीर के लोगों का हक 6 महीने के लिए टाल दिया गया है भारत के कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के इमरान खान OIC में चले गए OIC की स्थापना 1969 में हुई थी। 1969 के दशकों से पहले जब मात्र 6 दिन में मिडिल ईस्ट के लगभग सभी देशों को इजरायल ने लड़ाई में बुरी तरह हराया था इसलिए इजराइल से मुकाबला करने के लिए पूरी दुनिया के 57 मुस्लिम देशों ने एक संगठन बनाया था।अब जम्मू कश्मीर का मुद्दा लेकर इमरान खानOICमें चले गए इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन के देशों का मुख्यालय सऊदी अरब में है। तो सऊदी अरब ने भी कह दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्था कराएंगे। लेकिन यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है इसे भारत के कश्मीर मामले में दखलअंदाजी नहीं करनी चाहिए इससे पाकिस्तान को नुकसान होगा। क्योंकि UNO ने कश्मीर मामले को सुलझाने के लिए डिक्शन आयोग का गठन किया था डिकसन आयोग ने कश्मीर पर तहकीकात करके कहा था कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का आंतरिक मामला है लेकिन OIC संगठन वाले अपने आप को UNO से ऊपर मानने लगे हैं
पाकिस्तान की सबसे बड़ी हार
पाकिस्तान जब 1971 में बांग्लादेश हार गया था। उस समय भारत ने पाकिस्तान के 93000 सैनिकों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था उस समय भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के सेना अधक्ष के बीच एक शिंगला समझौता किया गया था कि अगर पाकिस्तान कभी भी कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाता है तो भारत पाकिस्तान अनअधिकृत कश्मीर में कभी भी घुस कर अपना अधिकार कर सकता है OIC ने कश्मीर पर अपना बयान दिया तो भारत के विदेश मंत्री ने भी OIC के प्रस्ताव को और उनके कश्मीर के मामले में हस्तक्षेप करने का विरोध करते हुए कहा है कि OIC संगठन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है UNO के बाद इसे सोच समझकर अपने बयान को देना चाहिए। इसने पाकिस्तान के बहकावे में आकर गलत निर्णय लिया गया है क्योंकि OIC के ज्यादातर देश भारत के साथ कभी खुलकर विरोध नहीं करते चाहे वह शायद सऊदी अरब हो या ईरान हो जब यह भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलते हैं तो कभी कश्मीर मुद्दे को नहीं उठाते और भारत ने भी पाकिस्तान को स्पष्ट कह दिया है कि आपके कहने या ना कहने से कुछ नहीं होगा कश्मीर में वही होगा जो भारत की संसद चाहेगी।



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