OTP Platform full form, and new guideline. ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए नई भारतीय दिशानिर्देश क्या है?

 ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए नई भारतीय दिशानिर्देश क्या है?
सीबीएफसीCBFC क्या है?

किसी भी फिल्म को रिलीज़ करने से पहले उसे एक फिल्म सर्टिफिकेट (Certificate) लेना पड़ता है। और इस फिल्म सर्टिफिकेट (Certificate) को  CBFC (Central board of film certification ) केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड देती है। और किसी भी फिल्म को शुरू करने से पहले 10 सेकंड तक एक सर्टिफिकेट (Certificate) को दिखाया जाता है यह सर्टिफिकेट कई तरह के होते हैं। जिस सर्टिफिकेट में अ/U  यह लिखा रहता है इसका मतलब कि वह (un -restriction) या यूनिवर्सल फिल्म है इसमें कोई भी गलत दृश्य यह अमर्यादा जनक भाषा का प्रयोग नहीं हुआ है। यह बिल्कुल परिवारिक फिल्म है जैसे बागवान बिल्कुल परिवारिक फिल्म है।

इस किस्म की जितनी भी फिल्में होती है उन सभी को यह सर्टिफिकेट्स अ/U (Certificate) दिया जाता है।

दूसरा सर्टिफिकेट (Certificate) जो फिल्मो को दिया जाता है उसे अव/UA कहां जाते हैं (un restricted with cousion of age) इस किस्म की फिल्मो को देखने में कोई

भी रोक नहीं है। परंतु इसेमे एक आयु (उम्र) निर्धारित कर दी गई है। कई बार भूतिया फिल्मों को दिया जाता है। कि बच्चा अकेले ना देखे। उसे अपने बड़ों के साथ रहकर देखना पड़ता है। इसी सर्टिफिकेट में कई किस्मे जोड़ दिया गया है। जैसे अव/UA 7+ उम्र (year ). इसमें 7साल से कम उम्र के बच्चों को देखने पर मनाही की गई है वह अपने बड़ों के साथ देख सकते हैं।

 इसी सर्टिफिकेट में दूसरी किस्म है अव/UA 13+ उम्र(year)  और 16+ उम्र (year) के लिए अलग-अलग होता हैं। किसी -किसी फिल्म में बहुत कम गाली गलौज होता है तो वह  (age restriction) पर निर्भर करता है कि किस उम्र के लोगों के लिए हैं। अगर किसी फिल्म में (age restriction) 13+ (year) उम्र है और उस फिल्म को 10 साल का बच्चा देख रहा है तो वह खुद ही गलत कर रहा है उसे बड़ों के साथ देखना चाहिए।

तीसरा सर्टिफिकेट (certificate)जो फिल्मों को दिया जाता हैं। वो व/A है।यह सर्टिफिकेट(certificate ) उन फिल्मों

को दिया जाता है जिसमें अशलील दृश्य या अभद्र भाषा का कुछ-कुछ प्रयोग किया गया होता है

 फिल्मों में चौथा सर्टिफिकेट(certificate) जो दिया जाता है वह S सर्टिफिकेट (certificate) है। यह विज्ञान पर आधारित फिल्मों पर दिया जाता है जैसे किसी मरीज का ऑपरेशन(operation) करना है या पोस्टमार्टम

(postmortem) करना है या वैज्ञानिकों के किसी अविष्कार को एक फिल्म के तौर पर दिखाए जाने पर उस फिल्म को S सर्टिफिकेट(certificate) दिया जाएगा। जब आप कोई भी फिल्म शुरू करते हैं तो शुरुआत के 10 सेकंड में इन सर्टिफिकेट को देखकर ही आपको पता चल जाएगा कि यह किस किस्म की फिल्म हैं।

    OTT (platforms) क्या है?

    2020 मे कोरोना महामारी भारत में आई। सिनेमाघरों में फिल्म दिखाना बंद कर दिया गया। पूरे हिंदुस्तान में जितने सिनेमाघर हैं सब के पास लाइसेंस है। तो इन सबको पता है कि पहले दिन जितने टिकट बिकी तो वह कहते थे। कि इस फिल्म ने पहले दिन इतना पैसा कमा लिया। लेकिन करोना महामारी में फिल्में सिनेमाघरों में न दिखा कर उन्हें OTT प्लेटफॉर्म(over the top platforms) पर रीलीज़ किया जाता है।

    OTT (platforms) जैसे Amazon prime video, net Max, Sony live, voot, MX playerयह सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म कहलाते हैं यह भारत में बहुत सारे हैं इनकी कोई कमी नहीं है OTT प्लेटफॉर्म के मालिक फिल्मों के निर्देशक से उनकी फिल्में खरीद लेते है। और फिल्म निर्देशक को एक निश्चित राशि दे देते हैं और उस फिल्म को अपने OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाते हैं।


    ओटीटी प्लेटफॉर्म कैसे कमाते हैं?

    जब कोई व्यक्ति OTT प्लेटफार्म का प्रयोग कर उस पर फिल्में देखता है तो बदले में उसे कुछ पैसे देने होते हैं जिसे मासिक प्रीमियम(monthly premium) कहते हैं आप 1 महीने के लिए भी प्रीमियम भर सकते हैं और 1 साल के लिए भी फिर  OTT प्लेटफॉर्म मुनि फिल्में दिखाता है ।

    लेकिन कुछ (free) OTT प्लेटफॉर्म भी होते हैं जहां आप फिल्में देख सकते हैं आपसे कोई पैसा नहीं लिया जाएगा परंतु उसमें बीच-बीच में प्रचार दिखाने लगते हैं जैसे YouTube.


    Free OTT Platform

     लेकिन अगर आप YouTube को भी कुछ पैसे दे देते हैं तो YouTube आपको प्रचार नहीं दिखाएगा। केवल काम लायक  ही चीजें ही दिखाएगा। जिसे  मासिक प्रीमियम (YouTube monthly premium ) कहते हैं यूट्यूब मंथली प्रीमियम। 

    लेकिन यह OTT प्लेटफॉर्म कभी-कभी अपनी मर्यादा को भूल जाते थे। और ऐसे दृश्य दिखाने लगते थे जिसमें बिल्कुल अश्लीलता होती थी। गाली- गलौज होता था। और समाज के बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता था कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा के कारण बच्चे अधिकतर समय  ऑनलाइन ही रहते थे। तो इससे सरकार पर भी दबाव बन रहा था। तो ऐसे दृश्यों और  अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

    सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए 2021 में नया कानून लाया गया जिसका नाम है इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (information technology (intermediary guidelines and digital media ethics code ) rule 2021) नियम 2021. 

    social media

    यह  OTT प्लेटफॉर्म  और सोशल मीडिया(social media) दोनों पर लगता है। इस नियम में OTT प्लेटफॉर्म को कहा गया है कि अगर इन पर कोई फिल्म रिलीज होती है और उसमें कोई विवादित दृश्य या अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है तो सरकार उस हिस्से को कटवा सकती है। जैसे तांडव फिल्म में किसी दृश्य को लेकर विवाद हो रहा था। तो सरकार ने उस विवादित हिस्से को काटने के लिए फिल्म के निर्देशक को कहा तो फिल्म के निर्देशक ने उस  विवादित हिस्से को काटना पड़ा।

    इस नियम में सोशल मीडिया(social media) के लिए भी बहुत कुछ कहा गया है सोशल मीडिया में व्हटसेप, फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्रामआदि जैसे चीजें आती हैं इनके लिए काफी अच्छा नियम बनाया गया है जो इस प्रकार है 

    • ( identify first originator of content that authorities considered Anti -National ) इस नियम में यह कहा गया है इसलिए मैं यह कहा गया है कि अगर किसी पोस्ट से विवाद होते हैं तो आपको सबसे पहले इसे किसने डाला(first originator) इसका पता करना पड़ेगा।

    • ( appoint grievance officer complaint in 15 days)इसमें कहा गया है कि आपको एक ऑफिसर भारत में रखना पड़ेगा जो लोगों की शिकायतें सुने।

    • (file monthly complaint report on complaint received action taken)इसमें कहा गया है कि आपको हर महीने एक रिपोर्ट देना पड़ेगा। की किस किस्म की शिकायतें अधिक आ रही हैं जैसे धार्मिक शिकायतें ही राजनीतिक शिकायतें ताकि सरकार उस पर कार्यवाही कर सकें।

    हमारी तरफ से यह नियम बहुत अच्छे हैं और सारे सोशल मीडिया (social media)ने इसे मान लिया परंतु ट्विटर(twitter ) इसे मानने से इंकार कर रहा था। क्योंकि इन नियमों में एक नियम और हैं जो सरकार यहां छुपा रही है सरकार ने कहा था कि अगर हमें कोई चीज (un apripeat) ऐसी लगेगी कि यह ठीक नहीं है तो आपको वह पोस्ट भी हटानी पड़ेगी।

    तो टि्वटर (Twitter) कहता है कि इस तरह से तो आपने कोई परिभाषा ही नहीं दी । की आप किस चीज को हटाना चाहते हैं और किस चीज को रखना चाहते हैं। आप किसी भी पोस्ट या टिप्पणी को कहेंगे कि इसे हटा दो तो हमें हटाना पड़ेगा। ऐसे तो आपने हमारी स्वतंत्रता ही छीन ली। इस तरह से सरकार की बात नहीं मान रहा था 

    ट्विटर का भी कहना पूरी तरह से गलत नहीं था। अगर जनता की कुछ मांग है तो सरकार कहेगी भी है यह हमारी छवि खराब करेगी। फिर सरकार उसे हटवा देगी। और इस पर बहुत घमासान भी हुआ। फिर सरकार ने ट्विटर की कमजोर नस पकड़ लिया।


    Information Technology act 2000

     एक नियम आया था इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी 2000 (information technology act 2000) इसमें कई सारी धाराएं हैं इसकी 79 धारा किसी भी सोशल मीडिया (social media) को बहुत अच्छी आजादी देती है। ( An Intermediary  not to a liabel for any third party information, data or communication link mod available for hosted by him) कि सोशल मीडिया(social media) जिम्मेदार नहीं है अगर उस पर तीसरा व्यक्ति, जैसे फेसबुक पर कोई टिप्पणी, कमेंट करता है या कोई पोस्ट डालता है और उससे विवाद होता है तो उसके लिए वह सोशल मीडिया जिम्मेदार नहीं है जो पोस्ट करने वाला व्यक्ति है वह जिम्मेदार है सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यह अधिकार मिला था लेकिन सरकार ने ट्विटर से यह अधिकार छीन लिया। और कहा कि अब ट्विटर पर भी केस हो जाएगा। तो ट्विटर ने कहा हम आपके 2021 वाले सभी कानून मानेंगे। पर आप इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 (79 धारा) का कानून ना छीनिऐ फिर ट्विटर ने इसे मान लिया।

    सरकार सोशल मीडिया(social media) को पूरी छूट नहीं देना चाहती है और ना ही पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना चाहती है नाइजीरिया (Nigeria)जैसे देश में ट्विटर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। पर यह भारत में प्रतिबंधित नहीं होगा। लेकिन अगर सरकार कहेगी कि हम जिस चीज को कहें आप उसे हटा दीजिए तो इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है जैसे अगर महंगाई को लेकर टि्वटर(Twitter) पर लोग ट्वीट(Tweet) करते हैं तो सरकार की छवि खराब ना हो इसीलिए सरकार कहेगी कि इसे हटा दो अगर आप फेसबुक या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कमेंट करते हैं तो इतना ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन अगर आप ट्विटर पर यह नंबर वन ट्रेंड ( no. 1 Trend) पर चला गया तो बहुत प्रभाव पड़ता है क्योंकि ट्विटर पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाता है पूरी दुनिया में सरकार की छवि खराब ना हो इसलिए सरकार इसे हटा देगी

    बाकी अगर सरकार इसमें एक सूची बना दें कि इससे संबंधित पोस्ट को आप हटा दीजिए तो यह कानून बहुत अच्छा है 90 परसेंट यह कानून बहुत अच्छा है लेकिन बस 10 परसेंट के कारण थोड़ी परेशानी हो रही है


    Comments