Secret of Burmuda triangle in Hindi. खुल गया बरमूडा ट्रायंगल (Bermuda triangle) राज!!!
खुल गया बरमूडा ट्रायंगल (Bermuda triangle) राज!!! क्यों डूब जाते हैं बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle) में जहाज???

बरमूडा ट्रायंगल (Bermuda triangle) में समुद्री शक्तिसकती हैं या नहीं ???
बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle) में होने वाली घटनाओं का पहला कारण यह है।
बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle) के नीचे निःतल में कई सारे ज्वालामुखी है और यह ज्वालामुखी समुद्र के अंदर ही फूट (bispot, blast) जाते हैं जिसके कारण समुद्र के ऊपरी भाग में हलचल होने लगती है और लहरें उठने लगती है। ज्वालामुखी के फूटने से उसमें से कई सारी जहरीले कैसे भी निकलती हैं जिसमें मीथेन (methane Gas) गैस की मात्रा अधिक होती है मीथेन गैस समुद्र के जल के साथ मिलकर उसके घनत्व को घटा देती है। जब समुद्र के जल का घनत्व(density) औसत घनत्व से कम हो जाता है तो वहां पर जहाजे डूबने लगती हैं।
क्योंकि जहाजों को समुद्र के घनत्व के हिसाब से बनाया जाता है। और कम घनत्व होने के कारण जहाज पानी में डूब जाते हैं यही वजह है कि अगर कोई बरमूडा ट्रायंगल के कम घनत्व वाले जल में तैरने की कोशिश करता है तो वह तैर नहीं पाता। क्योंकि उसका तैरने का अभ्यास भी औसत घनत्व वाले जल में हुआ होता है।
बबरमूडा ट्रायंगल (Bermuda triangle) में होने वाली घटनाओं का दूसरा कारण यह है
कि बरमूडा ट्रायंगल में छोटी-छोटी समुद्री पहाड़ियों की अधिकता है जब हवाए इन पहाड़ियों के बीच से गुजरती है तो नीचे मौजूद समुद्र में हलचल होने लगती है और एक चक्रवात उत्पन्न हो जाता है। और यह चक्रवात बादलों और समुद्र के जल को बवंडर में बदल देता है अगर इसमें कोई जहाज या विमान प्रवेश करते हैं तो चक्रवात में फंस जाते है और उसके साथ दुर्घटना हो जाती है
पानी वाली जहाज(Ship) के डूबने का तीसरा कारण यह है कि बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle) समुद्र में कुछ समुद्री छिपी हुई पहाड़िया है यह पूरी तरह से समुंदर के बाहर
नहीं निकली होती हैं इन्हें कटक( reejh) कहते हैं यह समुद्र के तल से नीचे ही रहती है। और अगर कोई जहाज इन से टकरा जाता है तो उस जहाज का निचला भाग दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण वह पूरा जहाज डूब जाता है। ऐसी घटनाएं इटली और तुर्की के पास बहुत ज्यादा देखने को मिलती थी। क्योंकि उनके आसपास वाले समुद्री भाग में कटक(reejh) पाए जाते हैं ऐसी घटनाएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती थी क्योंकि तब ना रेडार(reader) था ना सोनार(Sonar) था।हैक्जागोलन बादल क्या होते हैं?
बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle)के ऊपर हवाई जहाज की दुर्घटना के पीछे सबसे बड़ा कारण है हैक्जागोलन बादल है। यह 6 फलको वाले बादल होते है जिसे सबसे पहले सैटर्न ग्रह(Saturn planet) के ऊपर देखा गया था। यह 6 फलको वाले बादल होते है जो लगभग 40 से 50 वर्ग
किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला होता है ऐसे बहुत सारे बादल होते हैं और इनके अंदर हवाएं बहुत तेज गति से चलती है।इन हवाओं कि रफ्तार लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटा होती है इन बादलों में अगर कोई भी विमान प्रवेष कर जाता है तो यहां हवाऐ इतनी तेज होती हैं कि विमान को तोड़ सकती हैं। जिसके कारण दुर्घटना हो जाती है।अगर विमान हवाओं के विपरित जाता है तो हवाएं उसे तोड़ देंगी। और अगर विमान हवाओं के चाल के समान दिशा में जाता है तो विमान की रफ्तार बहुत तेज हो जाती है यही कारण है कि जब यहां से कोई विमान गुजरे हैं तो उनकी रफ्तार बहुत तेज बढ़ जाती थी।
बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle) में कोई अदृश्य शक्ति है भूत- प्रेत का हाथ नहीं है परंतु अब ऐसी घटना नहीं होती है अब बरमूडा ट्रायंगल(Bermuda triangle) के ऊपर से आराम से जहाज भी आ-जा रहे हैं और विमान भी आ- जा रहे हैं आज बेहतरीन टेक्नोलॉजी(advanced technology) और रेडार (reader)और सोनार(Sonar) हैं।जो समुद्री जहाजों को बता देता है कि नीचे कोई या कटक(reejh) है या नहीं।


Comments
Post a Comment