CT-scan से करोना की जांच कैसे होती है??

CT-scan से कोरोनावायरस की जांच कैसे होती है?

 

(CT scan) मशीन का पूरा नाम कंप्यूटर टोमोग्राफी (computer tomography scan machine) है ये मैग्नेटिक  रेजुनेंट (magnetic resonance) पर काम करती है।  इसमें इतना ज्यादा मैग्नेटिक पावर होता है कि यह दूर से ही धातु और आभूषणों को अपनी ओर  खींच सकती है इसीलिए डॉक्टर कहते हैं कि धातु (metal)और अब आभूषणों को मशीन से दूर रखें । कई लोगों का (RT-PCR  Negative )आ जाता है फिर भी उन्हे कोरोना वार्ड (corona ward) में रखा जाता है। ऐसे लोगों का एचआर सीटी स्कैन (HR-CT Scan)किया जाता है। 

    एचआर सीटी HR- CT scan क्या होता है?

    कोरोना जांच में शुरुआती चरण में फेफड़ों का साधारण सीटी स्कैन( CT scan)किया जाता है इसमें डॉक्टरों को अधिक जानकारी नहीं मिल पाती है इसीलिए इस(CT scan) सीटी स्कैन प्रक्रिया में एचडी HD तस्वीरें लेने का फैसला लिया गया जिसको कहते हैं हाई रेगुलेशन(high revolution ).
    एचआर सीटी स्कैन(HR-CT scan) इसमें फेफड़ों की एचडी HD तस्वीरें ली जाती है जिससे कि अधिक गहराई से कोरोना का पता लगाया जा सके।

    लोब( LOBE )किसे कहते हैं?

    इंसान के फेफड़ों छाती(वक्ष)(chast) में होते हैं। दाहिनी तरफ के फेफड़े तीन हिस्से में बैठे होते हैं और बाएं तरफ के फेफड़े दो हिस्से में बैठे होते हैं।
    बाई तरफ में हृदय के कारण फेफड़ों का एक लोब (LOBE)कम पाया जाता है हैं इसीलिए बाई तरफ में फेफड़ों के 2 ही हिस्से होते हैं।
    फेफड़ों के प्रत्येक हिस्से को लोब (LOBE)कहते हैं मानव की छाती में कुल 5 लोब(LOBE) पाए जाते हैं इन्हीं पांच लोब (LOBE) की सीटी स्कैन (CT scan)में जांच होती है

     सीटी स्कोर(CT score )क्या होता है?

    हमारी छाती में कुल लोबो( LOBES)की संख्या 5 और हर एक लोब(LOBE) को पांच नंबर के आधार पर गिना जाता है इस प्रकार सभी लोबो(Lobes) के कुल नंबर हुए 25 जिसको कहते हैं सीटी स्कोर।CT Score.
    सीटी स्कैन( CT scan)कराने के बाद जितना सिटी स्कोर(CT score)आता है उसको 4 से गुणा कर दिया जाता है। इसी पर निर्भर करता है कि कितना फेफड़ा करोना से प्रभावित है  ।
    उदाहरण: अगर किसी का सीटी स्कोर (CT score) 20 है तो उसे 4 से गुणा करने पर पाते हैं।   20 × 4 = 80.
    इस परिणाम के आधार पर हम कह  सकते हैं कि इस  मरीज का 80% फेफड़ा करोना से प्रभावित है हालांकि फेफड़ा केवल करोना से प्रभावित है वह खराब नहीं हुआ है इलाज के बाद वह ठीक हो सकता है।

    को रेडस्(Co Rads) क्या होता है?


    जिस प्रकार सिटी स्कैन को अपडेट करके एचआरसीटी (HR CT)किया गया उसी प्रकार का एक नया टाटा(Data) इसी एच आर सिटी(HR CT) में जोड़ा गया है जिसे कहते हैं को रेट्स।(Co Rads).
    को रेडस् का पूरा नाम होते हैं कोविड-19 रिर्पोटिंग एंड ड्यू टू सिस्टम।(covid-19 repporting and due to system).
    इसमें जो नंबर दिया जाता है वह 1 से 6 तक दिए जाते हैं अगर किसी मरीज का को रेडस् (co Rads) नंबर 1 से 3है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है आप सावधानियां बरतीए होम आइसोलेट (isolate)में रहिए लेकिन जिसका को रेडस् (Co Rads) 4 या 5 है तो उसमें करोना के लक्षण दिख सकते हैं ऐसे में डॉक्टर से सलाह लें और कोविड-वैक्सीन जरूर लगवाएं।

    कोविड-19 रोग कैसे होता है 

    जब हमारे मुंह , नाक , आंख द्वारा कोरोनावायरस हमारे शरीर में प्रवेश करता है कोरोनावायरस हमारे शरीर में प्रवेश करते ही हमारा स्वसन तंत्र में दाखिल हो जाता है और यह शुरुआती दौर में हमारी नाक और गले में सूजन उत्पन्न करता है जिससे हमें सर्दी खांसी और बुखार का अनुभव होता है जैसे जैसे समय बीतता रहता है यह कोरोनावायरस हमारे फेफड़ों को क्षति पहुंचाने लगता है और फेफड़ों में सूजन पैदा करता है जिसे निमोनिया कहते हैं यही निमोनिया सीटी स्कैन की पकड़ में आ जाता है इसी वजह से सीटी स्कैन का उपयोग कोविड-19 के निधन एवं सरवार में हो रहा है।
     कोविड-19 के उपचार में सीटी स्कैन का उपयोग बहुत अधिक हो रहा है क्योंकि यह सभी छोटे-बड़े सेंटर में उपलब्ध हैं और इससे मिलने वाली रिपोर्ट बहुत सटीक और विश्वसनीय होती है इसके द्वारा डॉक्टर बीमारी की अधिक गहराई से जांच कर सकते हैं 

    सीटी स्कैन कराने में कितना समय लगता है?

    एक सीटी स्कैन कराने में लगभग 30 से 35 मिनट का समय लगता है और इससे इसके बाद डॉक्टर अपनी रिपोर्ट देने में लगभग 2 से 3 घंटे का समय लेते हैं कोविड-19 के जांच के लिए सीटी स्कैन इसीलिए भी उत्तम माध्यम है क्योंकि कोविड-19 के शुरुआती दौर में शक के आधार पर जिन लोगों का सीटी स्कैन करवाया गया था तो उनमें से सीटी स्कैन की रिपोर्ट के मुताबिक 100 में से 80 से 85 लोगों में कोरोनावायरस का पता चला था जिससे यह पता चलता है कि कोविड-19 की जांच में सीटी स्कैन की अच्छी भूमिका है।

    सबसे आम लक्षण :

    बुखार
    खांसी
    थकान
    सांस लेने में तकलीफ होना
    स्वाद या गंध की हानि
    गले में खराश
    सरदर्द
    दर्द एवं पीड़ा
    दस्त
    त्वचा पर दाने, या उंगलियों या पैर की उंगलियों का मलिनकिरण
    लाल या चिड़चिड़ी आँखें

    कोरोना के बड़े लक्षण:

    सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ
    भाषण या गतिशीलता, या भ्रम की हानि
    छाती में दर्द 
    गंभीर लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सा की तलाश करें। अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र पर जाने से पहले हमेशा कॉल करें।
    हल्के लक्षण वाले लोग जो अन्यथा स्वस्थ हैं, उन्हें अपने लक्षणों को घर पर ही प्रबंधित करना चाहिए।
    जब कोई व्यक्ति वायरस से संक्रमित होता है तो उसके लक्षण दिखने में औसतन 5-6 दिन लगते हैं, हालांकि इसमें 14 दिन तक का समय लग सकता है।

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