Ct-scan coronavirus!!

CT scan क्या है??


आप लोगों ने सीटी स्कैन (CT scan) के बारे में कभी ना कभी तो सुना ही होगा । और आप में से कुछ लोगों ने तो सीटी स्कैन (CT scan ) कराया भी होगा । सीटी स्कैन (CT scan) का पूरा नाम है कंप्यूटर टोमोग्राफी स्कैन(computed tomography scan). है।

सीटी स्कैन (CT scan) की सहायता से शरीर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें बनाई जाती हैं। साधारण एक्सरे(x-ray )के मुकाबले सीटी स्कैन(CT scan) में काफी साफ़ और अधिक जानकारी मिलती हैं। सीटी स्कैन(CT scan) में शरीर के सॉफ्टशेल (short sale), ब्लड वेसल( blood vessels) और हड्डियों से जुड़ी (disorder) बीमारियों की तस्वीरें साफ दिखाई देती हैं ।  और डॉक्टर बारीकी से इलाज कर पाते हैं

    सीटी स्कैन (CT scan,) शरीर के किस भाग का किया जाता है  ??

     सीटी स्कैन(CT scan) का इस्तेमाल दिल, कधे , मस्तिष्क,घुटने, रीढ़ की हड्डी ,पेट और छाती से जुड़ी बीमारियों की जानकारी के लिए किया जाता है। आमतौर पर सीटी स्कैन (CT scan) से शरीर के हर हिस्से की साफ तस्वीर देखी जाती है।  और रोगों का इलाज और दूसरी बीमारियां पता लगाने के लिए सीटी स्कैन(CT scan) किया जाता है

    शरीर में चोट यह दूसरी बीमारियों का इलाज करने से पहले डॉक्टर मरीज को सीटी स्कैन (CT scan)कराने की सलाह देते हैं सीटी स्कैन (CT scan) की रिपोर्ट से सामने आता है कि मरीज के शरीर का कौन सा भाग किस कारण प्रभावित है सिटी स्कैन (CT scan) में लगने वाला समय इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर के किस भाग का सीटी स्कैन(CT scan) किया जा रहा है 

     सीटी टी स्कैन (CT scan) कैसे किया जाता है??

    सीटी स्कैन(CT scan) आमतौर पर हॉस्पिटल (Hospital) और रेडियोलॉजिक क्लीनिक(Radiologic Clinic) में किया जाता है इस दौरान सिटी स्कैन (CT scan)कराने वाले व्यक्ति को सीटी स्कैन (CT scan ) कराने के कुछ घंटे पहले से कुछ खाने पीने से मना किया जाता है ।

    इसके अलावा सीटी स्कैन(CT scan) कराने से पहले अगर व्यक्ति ने धातु(Metal ) का अगर कोई आभूषण पहना हो तो उसको भी  उतार लिया जाता है सीटी स्कैन रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट (CT scan Radiology Technologist) करते हैं इस दौरान एक बड़ी गोलाकार वाली मशीन मे व्यक्ति को एक टेबल पर लिटा के अंदर भेजा जाता है सीटी स्कैन

    (CT scan ) के दौरान एक नेरो एक्स-रे बीम (Narrow X-Ray Beam) का इस्तेमाल किया जाता है जो शरीर के एक हिस्से के चारों ओर घूमता है और अलग-अलग तरफ से शरीर के अंगों की तस्वीरों की एक चैन बनाता हैं शरीर के उस भाग का क्रॉस सेक्शनल(Cross-Sectional) तस्वीर बनाने के लिए कंप्यूटर (Computer) इस जानकारी का इस्तेमाल करता हैं।  रोटी के टुकड़े की कि तरह कंप्यूटर(Computer) भी शरीर के अंगो का टूटी इमेज(image) दिखाता हैं कई टुकड़ों में तस्वीरे हासिल करने के लिए यह प्रक्रिया दोहराई जाती है उसके बाद कंप्यूटर
    (Computer)इन तस्वीरों को 3D तस्वीरोंमें बदल देता है । जिसे डॉक्टर बहुत ही साफ तरीके से देख पाते  हैं   इसमें हड्डियों, ब्लड वेसल्स(blood vessels) के साथ-साथ कई दूसरे हिस्सों की तस्वीरें भी साफ दिखाई देती हैं।

    सीटी स्कैन(ct time) क्यो किया जाता है??

    सीटी स्कैन (CT scan)शरीर के अलग-अलग अंगों की तस्वीरें प्रदान करने वाली टेक्नोलॉजी (technology)है इस टेक्नोलॉजी (technology)के जरिए डॉक्टर कई समस्याओं का निदान करते हैं

    1. दिमाग में चोट ,खोपड़ी फैक्चर होने और ब्लीडिंग।            2. ब्रेन में ब्लड के क्लोट और ट्यूमर।

    3. इंफेक्शन मांसपेशियों और जोड़ों में समस्या और हड्डी के फ्रैक्चर।

    4. ब्लड वेसल्स ओर अन्य इंटरनल स्ट्रक्चर की जांच।

    5. आंतरिक चोटो और अंदरूनी ब्लडिंग।

    6. सर्जरी और बायोप्सी।

    7. कैंसर और हृदय रोग।

    8. वाहन दुर्घटना के बाद होने वाले इंटरनल ब्लीडिंग।

    सीटी स्कैन(CT scan) की कीमत क्या है??

    सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन करवाने का खर्च ₹500 से लेकर ₹1000 तक आ सकता है वहीं प्राइवेट अस्पतालों में यह कर्च ₹2000 से लेकर ₹5000 तक हो सकता है जबकि शरीर के विभिन्न अंगों के सीटी स्कैन के आधार पर प्रत्येक क्लीनिक में इसकी फीस अलग अलग होती है

    सीटी स्कैन (CT scan) के दुष्प्रभाव??

    1.त्वचा में एलर्जी उत्पन्न हो सकती है और बाल टूटने की समस्या हो सकती है।

    2. शरीर में खुजली होने और चकत्ते निकलने की समस्या हो सकती है।

    3. अगर आप  डायबिटीज के मरीज हैं और मेटफॉर्मिन जैसी दवाई का सेवन करते हैं तो डॉक्टर को जरूर बताएं।

    4. अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है तो अपने डॉक्टर से जरूर बताएं।

    5.सिटी स्केन के दौरान जी मचलाने और उल्टी होने जैसी समस्या हो सकती है।

    6. गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के तिमाही तक सिटी स्कैन (CT scan) से बचना चाहिए।

    सीटी स्कैन क्या है और कैसे काम करता है 

    सीटी स्कैन का मतलब है कंप्यूटराइज टोमोग्राफी स्कैन इसमें टोमोग्राफी का मतलब है किसी भी चीज को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उसका अध्ययन करना कोविड-19 में डॉक्टर जो सीटी स्कैन करा कर आते हैं वह एचआर सीटी स्कैन होता है यानी सीने का high-resolution कंप्यूटराइज टोमोग्राफी स्कैन इस ट्रस्ट के माध्यम से फेफड़ों की 3D यानी त्रिआयामी इमेज बनाई जाती है जो बहुत बड़ी की जानकारी देती है इससे सभी यह भी पता चलता है कि फेफड़ों में कोई संक्रमण है या नहीं और अगर है तो कितना गहरा है अंक का कितना हिस्सा प्रभावित है कितना फैला हुआ है इस प्रक्रिया में आपको एक बेंच पर लिटाया जाता है ऐसा करने से पहले आपसे कहा जाता है कि धातु की कोई भी वस्तु गहने के रूप में अगर पहनी है तो उसे उतार दीजिए फिर वह बेंच एक छल्ली की तरह की मशीन में चली जाती है फिर वह छल्ली जैसी मशीन शरीर का स्कैन करके फोटो बनाती है 

    ठीक उसी तरह जिस तरह एक्स-रे होता है एक सटीक जानकारी के लिए सीटी स्कैन कराया जाता है सीटी स्कैन की जरूरत है स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि यदि झांसी इस समय देश में 130000 78209 और 201787 लोगों की मृत्यु हो चुकी है कई लोग लोगों में सर्दी खांसी जुखाम जैसे लक्षण नहीं होते फिर भी उन्हें कोरोनावायरस पाया जाता है इस दौरान डॉडॉक्टर एचआरसीटी rt-pcr या इंडियन टेस्ट कराने को कहते हैं कई बार एंटीजन टेस्ट में भी रिपोर्ट नेगेटिव आती है और कई बार rt-pcr में भी रिपोर्ट नेगेटिव आती है ऐसा इसीलिए हो सकता है कि जांच के समय कोई भूल हो गई हो ऐसी स्थिति में डॉक्टर सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं 

     कोरोनावायरस लोग को प्रभावित करता है और फेफड़ों का इंवॉल्वमेंट कितना हो गया है यह जानने के लिए डॉक्टर सीटी स्कैन कर आते हैं लेकिन यह हर केस में जरूरी नहीं होता है यानी अगर आपको कोरोनावायरस भी यह जरूरी नहीं की सीटी स्कैन करवाना पड़े बहुत जरूरी होने पर ही जब डॉक्टर को फेफड़ों की असली स्थिति का पता करना होता है किसी किसी केस में तब ही डॉक्टर की सलाह से सीटी स्कैन करवाया जाता है 

    महामारी में लोगों लोग अपने आप सीटी स्कैन कराने लगते थे जिसकी कोई जरूरत नहीं है जब rt-pcr नेगेटिव हो और गुप्ता को लगे कि लक्षण कोविड-19 के हैं जैसे सांस फूलना सांस लेने में दिक्कत होना आदि तब डॉक्टर सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं इसको को भी टस्ट नहीं कह सकते क्योंकि को भी टेस्ट के लिए rt-pcr ही असली और सही टेस्ट है सीटी स्कैन की स्थिति का पता चलता है


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