Heart attac Symptoms in Hindi.हार्ट कोरोनरी ब्लॉकेज क्या है ?

हॉट कोरोनरी ब्लॉकेज क्यों होता है??


जैसा की आप जानते है हमारा पूरा शरीर अनगिनत कोशिकाओं से मिलकर बना हैं।  और हमारे पूरे शरीर को रक्त (खून)जरूरत है। और हमारे पूरे शरीर को रक्त की आपूर्ति (सप्लाईहृदय (दिल) करता है। हाथ और पैर की अंगुली को भी दिल ही रक्त की सप्लाई करता है। लेकिन हमारे हृदय को भी तो रक्त की जरूरत है आप बताइए जो दिल पूरे शरीर को रक्त की सप्लाई करता है उसको भी तो रक्त की जरूरत है । आखिर हृदय भी तो शरीर का भाग है उसको रक्त कौन सप्लाई करता है। 
जब खून दायां अलिंद(Co2)में आता है उसके बाद दाएं निलय में जाने के बाद वह फेफड़ों में चला जाता है फिर बाय अलिंद(O2) में फेफड़ों से शुद्ध खून आता है उसके बाद बाय निलय में चला जाता है वही बायां निलय में तीन नसें होती हैं जो शुद्ध खून को दिल के लिए चूस लेती है। उन तीनों नसौ का नाम कोरोनरी साइनस होता है। बायां निलय से शुद्ध खून चूसकर पूरे हृदय को रक्त की सप्लाई (आपूर्ति) कर देती है 
कोरोनरी साइनस हृदय को रक्त की आपूर्ति कराने वाली नसें है। 

    लेकिन क्या होगा अगर आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल (चिपचिपा पदार्थ) यानी चर्बी की मात्रा बढ़ जाए?

    जब आप खूब चर्बीदार चीजें खाते हैं जैसे बर्गर, पिज़्ज़ा, न्यूडल जो तो आपके खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है
    जब आपकी शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है वह कोलेस्ट्रॉल खून के के लिए आपके हृदय को चिपचिपा बना देता है और यह चिपचिपा पदार्थ कोरोनरी साइनस में जाकर जाम हो जाता है जो नसें रक्त को खींच रही थी हृदय को देने के लिए ' रक्त में चर्बी की मात्रा ज्यादा होने के कारण, उनमें चर्बी जमा जाने से रक्त का प्रवाह हृदय में पूरी तरह से नहीं हो पाता है 
    अगर पहली  कोरोनरी साइनस चर्बी के कारण पूरी तरह से जाम हो जाती है तो सीने में एक दर्द उठता है जिसे कहते हैं हार्ट अटैक । फिर वह नस पूरी तरह से बंद रहती है । अगर रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कंट्रोल (नियंत्रित) नहीं किया गया तो कुछ दिनों बाद दूसरे कोरोनावायरस मेरी दर्द उठेगा। फिर यह नस भी पूरी तरह से बंद हो जाती है।  अगर आप की तीसरी कोरोनरी साइनस में कोलेस्ट्रॉल के जामा होने के कारण बंद हो जाती है तो तीसरा हार्ट अटैक आता है और फिर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है क्योकि हृदय को रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती और वह धड़कना बंद कर देता है 

    यह जरूरी नहीं है कि हम को तीन बार हार्ट अटैक आए कभी-कभी हार्ट अटैक इतना तेज होता है कि पहले हार्टअटैक में ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है  और किसी किसी को तो 10 बार हार्ट अटेक आंतें है यह निर्भर करता है कि हार्ट अटेक कितना तेज था कभी-कभी व्यक्ति  बहुत ज्यादा खुश हो जाता है बहुत ज्यादा  तो उसका BP बढ़ जाता है जिसके कारण रक्त का प्रवाह ही देने इतनी तेजी से होता है कि मैं संतुलन नहीं बना पाता और हार्ट अटैक आ जाते हैं लड़कों को ज्यादा कर हार्ट अटैक इसीलिए आता है क्योंकि मैं छोटी सी बात को भी दिल पर ले लिया करते हैं

    हार्ट ब्लॉकेज के कारण क्या है ?

    जिन मरीजों में शुगर की मात्रा अधिक होती है या जो डायबिटीज के शिकार होते हैं या जिन्हें हाई-हाइपरटेंशन होती है या फिर जिन्हें कोरोनरी धमनियों की बीमारियां होती है उनके हृदय की कोरोनरी धमनी में कैस्ट्रोल और कैल्शियम के निक्षेप जमने लगते हैं यह को कोरोनरी धमनी में जमकर हृदय के रक्त प्रवाह को कम कर देते हैं इन सब बीमारियों का कारण यही है कि व्ययाम ना करना, जरूरत से ज्यादा खाना खाना, तली हुई चीजें खाना, अत्यधिक जंग फूड खाना जैसे चिप्स, नूडल, पिज़्ज़ा आदि खाने से भी यह बीमारी होती है। 
    इन बीमारियों का एक कारण स्मोकिंग भी है जी हां अत्यधिक धूम्रपान करने से, अत्यधिक नशीले पदार्थों का सेवन करने से भी यह बीमारियां हो सकती हैं यह बीमारियों कुछ हद तक जेनेटिक भी होती हैं जैसे अगर आप में इन बीमारियों के लक्षण दिखाई देते हैं तो आने वाली पीढ़ियों में भी इन बीमारियों के लक्षण देखे जा सकते हैं लेकिन अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं या हाई ब्लड प्रेशर के रोगी या डायबिटीज के रोगी  हैं तो उनके भी कोरोनरी धमनी से जुड़ी बिमारी हो सकती है दिल की कोरोनरी धमनी में  कलस्ट्रोल और कैल्शियम के निक्षेप जमने लगते हैं और धमनियों को संकरा बना देते है जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है जिसके कारण हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है 

    हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण !

    जब हॉट ब्लॉकेज शुरुआती चरण में होता है तब हमारे दिल की धनिया पूरी तरह से बंद नहीं होती उस समय दिल की धमनियां सकरी हो जाती हैं जिससे कि रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है इसीलिए चलते समय सांस फूलने लगती है या चक्कर आने लगते हैं और कभी-कभी तो सीने में दर्द भी उठने लगता है 
    लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता रहता है और धमनिया और ज्यादा संकरी होती जाती हैं यानी कि धमनिया 80 से 90% तक बंद हो जाती हैं फिर सीने में काफी दर्द होने लगता है अगर इसका इलाज ना करवाया जाए तो यह धीरे-धीरे हार्टअटैक का रूप ले लेता है 

    डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए !

    अगर आपको चलते समय सांस फूलने के साथ-सथ चक्कर आने के लक्षण दिखाई देते हैं और आपको हाई ब्लड प्रेशर है या हाई डायबिटीज है इसके साथ ही आपको यह सब लक्षण दिखाई देते हैं तब तो आपको तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि फिर यह बहुत घातक साबित हो सकता है 

    हार्ट ब्लॉकेज के परीक्षण कैसे होता है ?

    शुरुआती चरण में हार्ट ब्लॉकेज का परीक्षण ECG से किया जाता है क्योंकि अगर हार्ट ब्लॉक या एनजइना होता है तो ECG में मेंपरिवर्तन आता है ECG के बाद केलोस्ट्रोल का परीक्षण किया जाता है और शरीर में शुगर की भी जांच की जाती है क्योंकि इससे भी हार्ट ब्लॉकेज का अंदाजा लगाया जा सकता है तीसरे चरण में ट्रैट्मेल टेस्ट करते हैं इसमें मरीज को मशीन पर लगभग 10 से 12 मिनट दौड़ाने के बाद मरीज का ECG टेस्ट किया जाता है इससे अगर मरीज को हाई ब्लड है तो उसकेECG टेस्ट में परिवर्तन आएगा जिसे ट्रैट्मेल टेस्ट कहते हैं या टी.एम.टी भी कहते हैं अगर अब भी हार्ट ब्लॉकेज का पता नहीं चलता तो इसका पता लगाने के लिए सिटी एनजीओ ग्राम टेस्ट किया जाता है यह बिल्कुल उसी प्रकार होता है जिस प्रकार सीटी स्कैन होता है इसमें कोरोनरी एंजियोग्राफी कहते हैं जो की धमनियों में एक इंक (एरोडिन डाई) डालकर करते हैं और इससे ब्लॉकेज का पता लगाते हैं अगर हार्ट अटैक के बाद हृदय की मांसपेशियां ठीक से पंप नहीं कर पाती हैं तो इस स्थिति में हृदय की थैलिम स्कैनिंग कराते हैं जिसमें यह पता चलता है कि हृदय के कितने हिस्से को कितना नुकसान पहुंचा है या हृदय का कितना हिस्सा पंप कर रहा है और कितना हिस्सा पंप नहीं कर रहा है इसके बाद इसमें कार्डिक m.r.i. भी होती है जिसमें पता चलता है कि दिल की कौन-कौन सी कोशिकाएं गति कर रही हैं और कितना हिस्सा धड़क रहा है 

    हार्ट ब्लॉकेज का इलाज!!

     हार्ट ब्लॉकेज का इलाज शुरुआती दौर में एंटी लिमिट से किया जाता है यानी अगर किसी मरीज को लगता है कि उसमें हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण दिखाई दे रहे हैं या फिर सीने में दर्द होता है तो सबसे पहले उसे 300mg की एस्प्रिल और 300 क्लोपेटलोग्रिल लेने की सलाह दी जाती है यह दवाइयां बाजार में आसानी से मिल जाती हैं 
    अगर कभी किसी को हार्ट अटैक आता है और वह मरीज अस्पताल में सही समय पर नहीं पहुंच पाता या फिर  मरीज उस स्थिति में नहीं होता कि सही समय पर अस्पताल पहुंच जाए या अस्पताल बहुत दूरी पर हो तो वह खुद से या किसी जानकार व्यक्ति से इसका उपचार करवा सकता है
     इसके उपचार में कुछ इंजेक्शन दिए जाते हैं जो कि खून को पतला करने के लिए होते हैं लेकिन अगर किसी मरीज को हार्ट अटैक आता है तो किसी भी हालत में मरीज को 2 घंटे के अंदर अस्पताल में पहुंचाना होता है यानी कि हार्ट अटैक आने के बाद भी व्यक्ति के जिंदा बचने के अवसर 2 घंटे तक रहते हैं हार्ट अटैक के बाद अगर मरीज इस हालत में नहीं है कि वह अपने आप अस्पताल जा सके तो उसे कुछ भी करके किसी ना किसी की सहायता से 2 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचना चाहिए।
     क्योंकि वहां पर उसकी एंजियोग्राफी करके उसकी स्टंटिगं कराना होता है परंतु अगर मरीज का 2 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचाना संभव है तो उसे किसी चिकित्सालय में पहुंचा के उसका उपचार की व्यवस्था वही की जा सकती है लेकिन हार्ट ब्लॉकेज का सबसे अच्छा इलाज है एंजियोग्राफी और एनजीओ पलासिया अगर मरीज हार्ट अटैक के बाद सही समय पर अस्पताल पहुंच जाता है 

    हार्ट ब्लॉकेज से बचने के उपाय?

    हार्ट ब्लॉकेज से बचने के उपाय यह हैं कि अगर आप को पहले से ही कोई हार्ट ब्लॉकेज के लक्षणों वाली बीमारी है जैसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर तो इन सब बीमारियों का अच्छी तरह से इलाज करवाते रहें क्योंकि इन बीमारियों के होते हुए मरीज को यह भी नहीं पता चलता कि यह आम लक्षण है या हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण है अगर यह बीमारियों लगातार मरीज के शरीर में बनी रहेंगी तो हो सकता है कि आगे चलकर यही हार्ट अटैक का रूप ले ले! या फिर इनके कारण कोई और बड़ी बीमारी के शिकार भी हो सकते हैं।
     हार्ट ब्लॉकेज की बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा उपाय हैं कि अपने शरीर में मोटापे को बढ़ने ना दें व नियमित तौर पर व्यायाम करें और अपने शरीर को स्वस्थ रखें इसके साथ ही धूम्रपान या किसी भी अन्य प्रकार का नशा ना करें क्योंकि यह अपने आप में ही एक बीमारी है और यह कई अन्य बीमारियों की जड़ भी बन जाती हैं धूम्रपान करने वाले व्यक्ति का शरीर बीमारियों का घर होता है इसीलिए धूम्रपान से दूरी बनाकर रखें और स्वस्थ रहें ताजी साग सब्जियां और फल खाने चाहिए ताकि आपके शरीर को पोषण और बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती रहे। तली हुई चीजें खाने से बचें बाहर का तला हुआ भुना हुआ ना खाएं, जंग फूड जैसे चिप्स, नमकीन, कुरकुरे ,पिज्जा, न्यूडल, बर्गर इन सब चीजों को ना खाएं जितना हो सके घर का बना हुआ बेहद मंद खाना खाए और स्वस्थ रहें।

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